Poem
From the magazine:दिन किशमिशी-रेशमी, गोरा
By Shamsher Bahadur Singh
दिन
किशमिशी रेशमी गोरा
मुसकराता
आब
मोतियों की छिपाए अपनी
पाँखड़ियों तले
सुर्मयी गहराइयाँ
भाव में स्थिर
जा…
किशमिशी रेशमी गोरा
मुसकराता
आब
मोतियों की छिपाए अपनी
पाँखड़ियों तले
सुर्मयी गहराइयाँ
भाव में स्थिर
जा…


